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एसी के कंप्रेशर में पानी नहीं होता, फिर भी ये बाल्टियां भर-भरकर पानी क्यों छोड़ता है?

  पानी एसी के कंप्रेशर में से नहीं बल्कि उसके कूलिंग सेक्शन या कूलिंग यूनिट से निकलता है। कूलिंग यूनिट की ट्यूब्स इतनी अधिक ठंडी होती हैं की जब ब्लोअर के द्वारा कमरे की हवा को इन ट्यूब्स के ऊपर से होकर गुजारा जाता है तो हवा में मौजूद भाप या नमी ठंडी होकर वापस पानी में बदल जाती है और कूलिंग ट्यूब्स पर पानी की बूंदों के रूप में जमा हो जाती हैं और जैसे जैसे कूलिंग ट्यूब्स पर पानी की इन बूंदों की मात्रा बढ़ने लगती है ये इकट्ठा होकर पानी के रूप में बहकर निकास या आउट लैट ट्यूब के रास्ते एसी से बाहर निकल जाती हैं। अर्थात कहने का तात्पर्य यह है कि एसी में से जो पानी निकलता है वह कंप्रेशर में नहीं बल्कि कमरे की हवा में ही नमी या पानी की भाप के रूप में मौजूद होता है और इसी भाप या नमी के एसी में ठंडा होकर संघनित (condense) होने के कारण यह पानी उत्पन्न होता है। आसपास के वातावरण या कमरे की हवा में जितनी अधिक नमी होगी एसी में से उतना ही अधिक भर भर कर पानी बाहर निकलेगा और यह पानी लगभग आसवित जल (distilled water) के बराबर ही शुद्ध होता है। 

कुछ ऐसे मनोवैज्ञानिक तथ्य क्या हैं जो याद रखने लायक हैं?

  1. यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति से हाथ मिलाते हैं जिसे आप प्यार करते हैं, तो यह शारीरिक दर्द के साथ-साथ तनाव और भय को कम करने में मदद कर सकता है। 2. बिना ऑक्सीजन के पांच मिनट भी दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है। 3. हाई-फ़्रीक्वेंसी संगीत सुनने से आप शांत, तनावमुक्त और खुश महसूस करते हैं लेकिन अधिक समय तक ऐसा करना नुकसानदायक होता है। 4. जब आप बात करते हैं, तो आप वही दोहरा रहे होते हैं जो आप पहले से जानते हैं। लेकिन अगर आप सुनते हैं तो आपको कुछ नया सीखने को मिल सकता है। 5. नकारात्मक चीजों को लिख कर कूड़ेदान में फेंक देना एक मनोवैज्ञानिक तरकीब है जो आपके मूड को बेहतर बना सकती है।

एक बार इटावा जिला का एक पूरा थाना क्यों निलंबित (ससपेंड) हो गया था?

  जब एक किसान गंदे कपड़े पहन थाने में पहुंचा…थाने में कुछ ऐसा हुआ कि #पूरा_थाना_हुआ_सस्पेंड ‼️ ____ सन 1979 की बात है। शाम 6 बजे एक किसान इटावा ज़िला के ऊसराहार थाने में मैला कुचैला कुर्ता धोती पहने पहुँचा और अपने बैल की चोरी की रपट लिखाने की बात की। छोटे दरोग़ा ने पुलिसिया अंदाज में 4 आड़े-टेढ़े सवाल पूछे और बिना रपट लिखे किसान को चलता किया। जब वो किसान थाने से जाने लगा तो एक सिपाही पीछे से आया और बोला “बाबा थोड़ा खर्चा-पानी दे तो रपट लिख जाएगी।” अंत में उस समय 35 रूपये की रिश्वत लेकर रपट लिखना तय हुआ। रपट लिख कर मुंशी ने किसान से पूछा “बाबा हस्ताक्षर करोगे कि अंगूठा लगाओगे?” किसान ने हस्ताक्षर करने को कहा तो मुंशी ने दफ़्ती आगे बढ़ा दी जिस पर प्राथमिकी का ड्राफ़्ट लिखा था। किसान ने पेन के साथ अंगूठे वाला पैड उठाया तो मुंशी सोच में पड़ गया। हस्ताक्षर करेगा तो अंगूठा लगाने की स्याही का पैड क्यों उठा रहा है? किसान ने हस्ताक्षर में नाम लिखा #चौधरी_चरण_सिंह और मैले कुर्ते की जेब से मुहर निकाल के कागज पर ठोंक दी, जिस पर लिखा था “प्रधानमंत्री, भारत सरकार "ये देखकर सारे थाने में हड़कंप ...